इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 29 लोगों की मौत। जर्जर पाइपलाइन और नगर निगम की लापरवाही ने मचाया कोहराम। राहुल गांधी और कैलाश विजयवर्गीय ने उठाया मुद्दा
सतना में दूषित पेयजल आपूर्ति को लेकर कांग्रेस ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इंदौर जैसी घटना की आशंका जताते हुए नगर निगम से त्वरित सुधार और सतर्कता की मांग की गई।
सतना जिले में जलजीवन मिशन योजना बदहाल है। मझगवां और बिरसिंहपुर-कोटर क्षेत्र के गांवों में पाइपलाइन तो बिछा दी गई, लेकिन पानी की आपूर्ति नहीं हो रही। कई ग्रामीण अब भी कुंए और तालाब पर निर्भर हैं। ठेकेदारों की लापरवाही से सड़कें खराब हुईं और पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होकर बेकार पड़ी हैं। लाखों खर्च के बावजूद ग्रामीणों को पीने का स्वच्छ पानी नसीब नहीं हो रहा।
सतना जिले के मझगवां जनपद के केल्हौरा गांव में एकमात्र कुआं धंसने के कारण 150 लोगों की आबादी पेयजल संकट से जूझ रही है। प्रशासनिक अनदेखी और बारिश के पानी से कुएं का जल दूषित हो चुका है, ग्रामीण दो किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर हैं।
बाणसागर बांध से बीहर और बिछिया नदी में पानी का प्रवाह रोकने से रीवा जिले की तीन विद्युत उत्पादन इकाइयां ठप हो गई हैं। इससे 360 केवीए बिजली उत्पादन रुक गया है और लाखों का नुकसान संभावित है। साथ ही पेयजल और कृषि कार्यों पर भी प्रभाव पड़ने की आशंका है।

















